देश की राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक तीन बड़े मुद्दे चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव लड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है। वहीं, कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी है। दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने परमाणु हमले की आशंकाओं को लेकर चर्चा तेज कर दी है। इन तीनों घटनाक्रमों का राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग महत्व है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति की बात करें तो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साफ संकेत दिया है कि वह 2027 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। 3 नवंबर को वाराणसी दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब खुद चुनाव नहीं लड़ते। इसलिए वह वही करेंगे जो उनके लिए शुभ होगा। उन्होंने वर्ष 2012 का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी वह लोकसभा सांसद रहते हुए सीधे मुख्यमंत्री बने थे। इस बार भी वह लोकसभा से सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की बात कह रहे हैं। उनके इस बयान के बाद यूपी की सियासत में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव से दूरी बनाकर मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश करेंगे। हालांकि, यह उनका मौजूदा राजनीतिक संकेत है और 2027 के चुनाव को लेकर अंतिम रणनीति का औपचारिक ऐलान नहीं माना जाना चाहिए
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देकर राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। 3 नवंबर को राहुल गांधी ने अमेरिकी व्यापार समझौते, अडाणी मामले और कथित विदेशी संबंधों जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री से सार्वजनिक चर्चा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसी भी स्थान पर मीडिया और देश के युवाओं के सामने बहस के लिए आ सकते हैं। राहुल गांधी ने विपक्ष के विदेशी ताकतों से संबंध होने के आरोपों का भी जवाब देने की चुनौती दी। उनका कहना है कि सरकार को इन मुद्दों पर देश के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इस बयान को कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी की ओर से इस चुनौती को स्वीकार करने की कोई पुष्टि सामने नहीं आई है







