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दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण, बहुत खराब श्रेणी में पहुंची हवा, India Gate और Janpath का AQI 335 दर्ज


देश 02 November 2026
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दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण, बहुत खराब श्रेणी में पहुंची हवा, India Gate और Janpath का AQI 335 दर्ज

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नवंबर की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 की सुबह दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। राजधानी के कई इलाकों में धुंध और स्मॉग की मोटी परत दिखाई दी, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, इंडिया गेट और जनपथ के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 335 दर्ज किया गया। वहीं, अक्षरधाम मंदिर और आईटीओ के आसपास AQI 349 तक पहुंच गया। दिल्ली का औसत AQI सुबह करीब 310 दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 277 था। यानी महज 24 घंटे के भीतर प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में हवा की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। सुबह के समय सड़कों, पार्कों और खुले स्थानों पर धुंध का असर साफ दिखाई दिया। इंडिया गेट और सेंट्रल दिल्ली के आसपास भी वातावरण में प्रदूषण की परत महसूस की गई

दिल्ली के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के दूसरे शहरों में भी वायु प्रदूषण का असर देखने को मिल रहा है। नोएडा में AQI 311 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 278 और गुरुग्राम में 230 रहा। वहीं फरीदाबाद में AQI 116 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग बना हुआ है। दिल्ली के भीतर भी कई निगरानी केंद्रों पर स्थिति चिंताजनक रही। रोहिणी में AQI 396, अलीपुर में 375, विवेक विहार में 370 और नरेला में 363 दर्ज किया गया। चांदनी चौक में यह आंकड़ा 358 रहा। वहीं जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 343 और बुराड़ी में 308 AQI दर्ज किया गया। इन इलाकों में प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों के स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकता है

फिलहाल दिल्ली के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित करना और लोगों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना है। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल, कचरा नहीं जलाना, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और वाहनों की नियमित जांच जैसे कदम प्रदूषण कम करने में मददगार हो सकते हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और हवा की गति भी प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करेगी। ऐसे में दिल्लीवासियों की नजर CPCB और मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमानों पर रहेगी। फिलहाल इंडिया गेट और जनपथ का AQI 335 पहुंचना इस बात का संकेत है कि राजधानी में सर्दियों के शुरुआती दौर में ही स्वच्छ हवा एक बड़ी चुनौती बन गई है।

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