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US ने खुफिया गतिविधियों के लिए दो चीनी नागरिकों को जेल भेजा


विदेश 31 October 2026
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US ने खुफिया गतिविधियों के लिए दो चीनी नागरिकों को जेल भेजा

अमेरिका में, दो चीनी नागरिकों को US मिलिट्री के लोगों को टारगेट करके खुफिया गतिविधियां करने के लिए 30-30 महीने जेल की सज़ा सुनाई गई है।
 
US जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा कि उन्हें US अटॉर्नी जनरल को बताए बिना चीनी सरकार के एजेंट के तौर पर काम करने और साज़िश रचने के लिए तीन साल की सुपरवाइज़्ड रिलीज़ की भी सज़ा दी गई है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, दोनों लोग चीन की मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टेट सिक्योरिटी के डायरेक्शन में काम करते थे। उनके कामों में सीक्रेट कैश पेमेंट का इंतज़ाम करना, मिलिट्री ठिकानों और लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठा करना और US मिलिट्री के अंदर इंटेलिजेंस सोर्स को भर्ती करने की कोशिश करना शामिल था। दोनों आरोपियों ने आरोप मान लिए।अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य खुफिया से जुड़ी गतिविधियों को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां दो चीनी नागरिकों को अमेरिकी सेना के अधिकारियों और सैन्य कर्मियों को निशाना बनाकर खुफिया गतिविधियां संचालित करने के आरोप में 30-30 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) के मुताबिक, दोनों आरोपी चीन की मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी (MSS) के निर्देश पर काम कर रहे थे। उनका मकसद अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों, वहां तैनात कर्मियों और सैन्य गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां जुटाना था। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने अमेरिकी सैन्य व्यवस्था के भीतर खुफिया नेटवर्क तैयार करने और महत्वपूर्ण सूचनाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश की थी। इसके लिए वे अमेरिकी सेना से जुड़े लोगों को अपने संपर्क में लाने और उन्हें खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तैयार करने का प्रयास कर रहे थे। अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि आरोपियों की गतिविधियों में गुप्त रूप से नकद भुगतान की व्यवस्था करना, सैन्य ठिकानों और सैन्य कर्मियों के बारे में जानकारी एकत्र करना तथा अमेरिकी सेना के भीतर खुफिया स्रोतों की भर्ती करने की कोशिश करना शामिल था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन गतिविधियों के जरिए अमेरिकी सैन्य तंत्र से जुड़ी गोपनीय जानकारियां हासिल करने की योजना बनाई जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी जांच एजेंसियों ने दोनों आरोपियों की गतिविधियों की जांच की और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान दोनों चीनी नागरिकों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया। इसके बाद अदालत ने उन्हें 30-30 महीने की कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा, दोनों को जेल की सजा पूरी होने के बाद तीन साल तक निगरानी में रहने यानी सुपरवाइज्ड रिलीज की सजा भी दी गई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों आरोपियों ने अमेरिकी अटॉर्नी जनरल को आवश्यक जानकारी दिए बिना विदेशी सरकार के एजेंट के रूप में काम किया और इस संबंध में साजिश रची थी। अमेरिकी कानून के तहत किसी विदेशी सरकार के लिए एजेंट के तौर पर काम करने वाले व्यक्ति को निर्धारित नियमों के अनुसार पंजीकरण और जानकारी देना आवश्यक होता है। ऐसा नहीं करना गंभीर कानूनी उल्लंघन माना जा सकता है। इस मामले ने एक बार फिर अमेरिका और चीन के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य गोपनीयता और खुफिया गतिविधियों को लेकर जारी तनाव को चर्चा में ला दिया है। अमेरिका लंबे समय से चीन की खुफिया गतिविधियों को अपनी सुरक्षा के लिए चुनौती मानता रहा है। वहीं, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां सैन्य प्रतिष्ठानों और संवेदनशील संस्थानों से जुड़ी जानकारियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्कता बरत रही हैं। इस कार्रवाई को अमेरिकी सैन्य सूचनाओं की सुरक्षा और विदेशी खुफिया हस्तक्षेप के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
 

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