केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत वर्तमान में विश्व के निवेशकों को स्थिर नीतियां और निश्चितता प्रदान करता है। नई दिल्ली में इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि देश विकसित देशों के लिए एक विश्वसनीय और पसंदीदा आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले साढ़े चार वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर बातचीत की और उन्हें अंतिम रूप दिया है, जिससे 38 देशों में भारतीय व्यवसायों के लिए द्वार खुल गए हैं। मंत्री ने बताया कि अब भारत को 70 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वाले बाजारों में तरजीही पहुंच प्राप्त है। श्री गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार वर्तमान में आठ और द्विपक्षीय समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत कर रही है, जिससे भारत को 115 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के 76 प्रतिशत हिस्से में व्यापार करने का अवसर मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने आगे विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
श्री गोयल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग जगत, निवेशकों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से तेलंगाना का 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि तेलंगाना की कुशल, योग्य और युवा आबादी की प्रतिबद्धता और क्षमताएं राज्य को विकास के नए मानक स्थापित करने में मदद कर सकती हैं।
मंत्री महोदय ने तेलंगाना के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राज्य में शुरू की गई या समर्थित परियोजनाओं का उल्लेख किया। श्री गोयल ने प्रस्ताव दिया कि तेलंगाना को वस्तुओं और सेवाओं सहित अपने 50 प्रमुख निर्यात उत्पादों की पहचान करनी चाहिए और मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के तहत तरजीही पहुंच प्रदान करने वाले बाजारों का मानचित्रण करना चाहिए। उन्होंने लघु एवं मध्यम उद्यमों, किसानों और स्टार्टअप्स को इन समझौतों का अधिकतम लाभ उठाने में मदद करने के लिए प्रत्येक जिले में एफटीए हेल्प डेस्क स्थापित करने का भी सुझाव दिया।







