राजस्थान की राजनीति में ऋतु बराला प्रकरण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने जयपुर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस के नेताओं ने जयपुर पुलिस आयुक्तालय में प्रदर्शन किया और रातभर धरने पर बैठे रहे। कांग्रेस नेताओं की मांग है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाए, ताकि प्रकरण की उचित जांच हो सके और संबंधित पक्ष को न्याय मिल सके।
कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि किसी भी मामले में शिकायत मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और यदि एफआईआर दर्ज करने की मांग की जा रही है, तो पुलिस को उस पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने पुलिस आयुक्तालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर धरना जारी रखा।
धरने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण बना दिया। दोनों नेताओं ने एफआईआर दर्ज करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी इस प्रकरण को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है और जब तक मांग पर उचित कदम नहीं उठाया जाता, तब तक सरकार तथा पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि दिल्ली में 13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान ऋतु बराला और दिल्ली पुलिस की एक महिला कांस्टेबल के बीच हुई कथित मारपीट से जुड़ी है। रिपोर्टों के अनुसार, ऋतु बराला ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी। राजस्थान लौटने के बाद वह एफआईआर दर्ज कराने के लिए जयपुर के मोती डूंगरी थाने पहुंचीं, लेकिन पुलिस ने शिकायत प्राप्त करने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस आयुक्तालय पहुंचकर जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई







