तेज धूप और गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए पानी के साथ कई इलेक्ट्रोलाइट्स भी निकलते हैं। ऐसे में पर्याप्त पानी पीना सबसे जरूरी है, लेकिन नारियल पानी और छाछ जैसे पेय भी हाइड्रेशन में मदद कर सकते हैं। दोनों के अपने फायदे हैं और किसी एक को हर परिस्थिति में दूसरे से बेहतर कहना सही नहीं होगा। नारियल पानी क्यों है
फायदेमंद? नारियल पानी में प्राकृतिक रूप से पानी के साथ पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं। गर्मी में ज्यादा पसीना निकलने के बाद यह शरीर को तरल और कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स उपलब्ध कराने का आसान विकल्प हो सकता है। USDA के पोषण आंकड़ों के अनुसार नारियल पानी में पोटैशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है।
नारियल पानी में आमतौर पर वसा बहुत कम होती है और यह हल्का पेय है। धूप से लौटने के बाद या व्यायाम के बाद इसे लिया जा सकता है। हालांकि गंभीर डिहाइड्रेशन या दस्त-उल्टी जैसी स्थिति में नारियल पानी को मेडिकल ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) का विकल्प नहीं मानना चाहिए। छाछ से क्या मिलता है? छाछ मुख्य रूप से दही और पानी से तैयार की जाती है।
इसमें पानी के साथ प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व मिल सकते हैं। घर में तैयार छाछ में थोड़ा नमक मिलाने से सोडियम भी मिलता है, जो पसीने के कारण हुई इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है।
दही से तैयार होने के कारण छाछ पेट भरने का एहसास भी नारियल पानी की तुलना में अधिक दे सकती है। इसे दोपहर के भोजन के साथ लेना सुविधाजनक विकल्प है। हालांकि बहुत ज्यादा नमक मिलाने से बचना चाहिए,
खासकर उन लोगों को जिन्हें डॉक्टर ने सोडियम सीमित रखने की सलाह दी हो। हाइड्रेशन में कौन ज्यादा फायदेमंद? अगर कोई व्यक्ति धूप से आया है और उसे हल्का तथा तुरंत पीने योग्य पेय चाहिए तो नारियल पानी अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें मौजूद पोटैशियम समेत इलेक्ट्रोलाइट्स गर्मी में उपयोगी होते हैं।
के साथ ऐसा पेय चाहिए जो पानी के साथ कुछ प्रोटीन और कैल्शियम भी दे तो छाछ बेहतर विकल्प बन सकती है। नमक वाली छाछ पसीने के बाद कुछ सोडियम भी उपलब्ध करा सकती है।
लेकिन सामान्य हाइड्रेशन के लिए इन दोनों से ज्यादा महत्वपूर्ण पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में सादा पानी पीना है। कब पीना बेहतर? नारियल पानी सुबह, दिन में या धूप से लौटने के बाद लिया जा सकता है। इसे पीने के लिए कोई निश्चित वैज्ञानिक समय जरूरी नहीं है। छाछ को नाश्ते या दोपहर के भोजन के साथ अथवा दिन में लिया जा सकता है।
बहुत अधिक पसीना आने, कमजोरी, चक्कर, अत्यधिक प्यास या पेशाब बहुत कम होने जैसे लक्षण गंभीर डिहाइड्रेशन की ओर संकेत कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में केवल नारियल पानी या छाछ पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।







