विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर संयुक्त संसदीय समिति की पहली बैठक आज नई दिल्ली में होगी। समिति को गृह मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा विधेयक के प्रावधानों पर जानकारी दी जाएगी।
संसद के दोनों सदनों ने 12 अगस्त को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मंजूरी दे दी। इस विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन करना है, ताकि विदेशी अंशदान के उपयोग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके।
इस समिति में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत 21 सदस्य और राज्यसभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत 10 सदस्य शामिल हैं। लोकसभा सांसद संजय जायसवाल संयुक्त समिति के प्रमुख होंगे। लोकसभा से तेजस्वी सूर्या, निशिकांत दुबे, ए. राजा और सुप्रिया सुले प्रमुख सदस्य हैं। राज्यसभा से हर्ष वर्धन श्रृंगला, संजय कुमार झा, प्रफुल्ल पटेल और मेनका गुरुस्वामी समिति के सदस्य हैं। समिति को शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक सदन को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।







