भारतीय घरों में ज़्यादातर लोग गेंहू के आटे से बनी रोटियों का सेवन करते हैं। लेकिन अगर आप अपना वजन कम और पाचन को बेहतर करना चाहते हैं तो अपनी डाइट में गेंहू की जगह इन पांच आटे की रोटियों को शामिल करें।
दरअसल, गेंहू के आटे में ग्लूटेन होता है जिससे कई लोगों को गैस और पाचन से जुड़ी दिक्कते हो सकती हैं। ऐसे में पुणे स्थित इनामदार हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट और जनरल फिजिशियन डॉक्टर शालिनी सालुंखे बता रही हैं कि आप गेंहू के अलावा किन आटे की रोटियों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं?
राजीगिरा आटा: राजीगिरा आटा में प्रोटीन, फाइबर और मिनिरल अच्छी मात्रा में मिलते हैं। साथ ही यह ग्लूटेन फ्री होता है इसलिए इसका सेवन सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह मसल्स को स्ट्रांग बनाने के साथ हड्डियों को भी मजबूत बनाता है।
सिंघाड़े का आटा: सिंघाड़े का आटा ग्लूटेन फ्री होने के साथ कार्बोहाइड्रेट से भरपूर है जो पेट के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद डायटरी फाइबर आपकी पाचन प्रकिया को बेहतर करता है।
कुट्टू का आटा: कुट्टू का आटा भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें रूटिन नामक एंटी ऑक्सीडेंट्स और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो शरीर के सूजन को कम करने में प्रभवकारी है और साथ ही हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है।
रागी का आटा: रागी का आटा कैल्शियम से भरपूर होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाने में बेहद फायदेमंद माना जाता है। साथ ही आटे से बनी रोटी का सेवन करने से वजन भी कंट्रोल होता है







