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पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, कहा- सज्जनों की संगति से मजबूत होते हैं संस्कार


देश 11 September 2026
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पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, कहा- सज्जनों की संगति से मजबूत होते हैं संस्कार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर सुभाषित संग्रह ‘सुभाषितरत्नभाण्डागारम्’ का एक संस्कृत श्लोक साझा किया। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली में जुटेंगे और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।

पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत श्लोक

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए श्लोक साझा किया, “सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्। सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥” इस सुभाषित में सज्जन लोगों की संगति करने, उनके साथ विचार-विमर्श और मैत्रीपूर्ण व्यवहार रखने तथा दुष्ट या बुरे स्वभाव वाले लोगों से दूर रहने की सीख दी गई है।

अच्छे लोगों की संगति से मिलते हैं संस्कार

श्लोक का भावार्थ है कि मनुष्य को हमेशा अच्छे और सज्जन लोगों के बीच रहना चाहिए और उन्हीं की संगति करनी चाहिए। सज्जनों के साथ संवाद और मित्रता से आपसी सद्भाव, शांति और सहयोग मजबूत होता है। यह सुभाषित इस बात पर भी जोर देता है कि व्यक्ति जिन लोगों के साथ रहता है, उनकी सोच और आचरण का उसके व्यक्तित्व पर प्रभाव पड़ता है। अच्छे लोगों की संगति से अच्छे संस्कार, विचार और नैतिकता विकसित होती है।

सज्जनों से मतभेद भी सीखने का अवसर

सुभाषित में यह संदेश भी मिलता है कि किसी सज्जन या ज्ञानी व्यक्ति से मतभेद या विवाद हो जाए, तो भी उसके विचारों से कुछ सीखने का अवसर मिल सकता है, क्योंकि उसका दृष्टिकोण विवेकपूर्ण होता है। इसके विपरीत, दुष्ट प्रवृत्ति वाले व्यक्ति के साथ अनावश्यक विवाद मानसिक शांति भंग कर सकता है और उससे कोई सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना कम होती है।

बुरी संगति से दूर रहने की सीख

श्लोक में दुष्ट या बुरे स्वभाव वाले लोगों की संगति को नुकसानदायक बताया गया है। ऐसे लोगों से मित्रता या किसी भी तरह का अनावश्यक संपर्क व्यक्ति के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए सुभाषित सज्जनों की संगति अपनाने और बुरी संगति से दूरी बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

12 और 13 सितंबर को होगा BRICS सम्मेलन

भारत के पास वर्ष 2026 के BRICS की अध्यक्षता है और इसी के तहत नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों, साझेदार देशों और अन्य आमंत्रित देशों के नेता हिस्सा लेंगे।

वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर होगी चर्चा

विदेश मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन के दौरान नेता BRICS देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा। पीएम मोदी ने इसी संदर्भ में भरोसा जताया है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।

भारत मंडपम में अंतिम तैयारियां पूरी

18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 12 और 13 सितंबर को यहां दुनियाभर से कई देशों के प्रतिनिधि और नेता पहुंचेंगे। BRICS के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से गुरुवार को पोस्ट कर कहा गया कि भारत मंडपम अपनी समृद्ध विरासत की चमक के साथ 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है और राजधानी में आयोजन की अंतिम तैयारियां जारी हैं।

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