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2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ का लक्ष्य, ड्रग्स के खिलाफ तीन वर्षीय रोडमैप तैयार: अमित शाह


देश 07 September 2026
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2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ का लक्ष्य, ड्रग्स के खिलाफ तीन वर्षीय रोडमैप तैयार: अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ का संकल्प लिया है। गोवा की राजधानी पणजी में रविवार को नारकोटिक्स नियंत्रण पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि जिस तरह देश से नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में निर्णायक सफलता मिली है, उसी संकल्प के साथ ड्रग्स की समस्या को भी समाप्त किया जाएगा। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बना नशे के खिलाफ अभियान

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बनाया है। वर्ष 2014 से पहले यह लड़ाई अलग-अलग एजेंसियों और सीमित स्तर पर की जाती थी, लेकिन अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित और सतत अभियान का रूप दिया गया है। सरकार का फोकस केवल ड्रग्स की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क, उसके वित्तीय स्रोत और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को तोड़ने पर है।

आतंकवाद से जुड़ा है ड्रग्स का कारोबार

शाह ने कहा कि नार्कोटिक्स ऐसा अपराध है जो आने वाली पीढ़ियों को नष्ट कर सकता है। ड्रग्स से अर्जित धन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए भी किया जाता है और दुनिया के कई देशों में नार्को-टेरर मॉड्यूल सक्रिय हैं। सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए नेटवर्क पकड़ने, वित्तीय श्रृंखला तोड़ने और नशे के शिकार लोगों के उपचार एवं पुनर्वास पर एक साथ काम किया है।

2014 के बाद ड्रग्स की जब्ती में बड़ी वृद्धि

गृह मंत्री के अनुसार, 2004 से 2014 तक करीब 26 लाख किलोग्राम ड्रग्स जब्त किए गए थे, जिनका मूल्य लगभग 40 हजार करोड़ रुपए था। वहीं 2014 से 2026 तक 1 करोड़ 19 लाख किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग 1 लाख 89 हजार करोड़ रुपए है। इसी अवधि में नष्ट किए गए ड्रग्स की मात्रा भी 3 लाख 36 हजार किलोग्राम से बढ़कर 48 लाख 68 हजार किलोग्राम हो गई।

2019 से बदली जांच की रणनीति

अमित शाह ने कहा कि 2019 में चार-स्तरीय एनकॉर्ड तंत्र बनाया गया और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में समर्पित एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के गठन की दिशा में काम शुरू हुआ। NIDAAN पोर्टल के जरिए नार्को अपराधियों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया गया है। CCTNS और इंटीग्रेटेड डेटा फ्यूजन के माध्यम से हॉटस्पॉट, अपराध की कार्यशैली और जब्ती का डेटा आधारित मानचित्र तैयार किया जा रहा है।

छोटी खेप से लेकर बड़े नेटवर्क तक रिवर्स जांच

शाह ने कहा कि अब जांच का तरीका Bottom-to-Top और Top-to-Bottom दोनों स्तरों पर किया जा रहा है। किसी छोटी ड्रग्स की खेप के पकड़े जाने पर यह पता लगाया जाता है कि वह कहां से आई, जबकि सीमा पर बड़ी खेप पकड़े जाने पर यह पता लगाया जाता है कि उसे आगे किस नेटवर्क के जरिए युवाओं तक पहुंचाया जाना था। इस तरह पूरे नेटवर्क की रिवर्स जांच की जा रही है।

डार्क नेट और क्रिप्टो लेन-देन पर निगरानी

गृह मंत्री ने कहा कि वित्तीय जांच और PIT-NDPS पर विशेष जोर दिया गया है। डार्क नेट, एन्क्रिप्टेड संचार, क्रिप्टो लेन-देन और डेड ड्रॉप डिलीवरी के खिलाफ तकनीक आधारित जांच शुरू की गई है। एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स में समर्पित डार्क नेट-क्रिप्टो सेल बनाने का काम भी शुरू किया गया है। प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण के लिए अंतर-मंत्रालयी व्यवस्था तैयार की गई है।

2026 से 2029 तक मिशन मोड में अभियान

अमित शाह ने कहा कि जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक के लिए तीन वर्षीय रोडमैप तैयार किया गया है। इसके तहत सभी लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। 2026 से 2029 तक अभियान को मिशन मोड में चलाया जाएगा। अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी तय होगी, मापने योग्य परिणाम निर्धारित किए जाएंगे और तिमाही समीक्षा के साथ परिणाम आधारित जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

चार स्तंभों पर आधारित होगा रोडमैप

शाह के मुताबिक ‘नशामुक्त भारत’ का रोडमैप चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन आधारित एन्फोर्समेंट, प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, डिमांड एवं हार्म रिडक्शन तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय शामिल हैं। इन चार स्तंभों के तहत 25 घटक और 200 से अधिक एक्शन पॉइंट्स तय किए गए हैं।

सीमाओं और बंदरगाहों पर बढ़ेगी निगरानी

उन्होंने कहा कि बीएसएफ, सीआईएसएफ, भारतीय तटरक्षक दल, सीमा शुल्क और डीआरआई भूमि सीमा, बंदरगाह, एयरपोर्ट और कार्गो पर जोखिम आधारित प्रोफाइलिंग और स्कैनर के जरिए निगरानी को मजबूत करेंगे। सीबीआई, विदेश मंत्रालय और इंटरपोल भगोड़ों को वापस लाने का काम करेंगे, जबकि प्रवर्तन निदेशालय, वित्तीय आसूचना इकाई और बैंकिंग तंत्र ड्रग्स कारोबार की धन श्रृंखला का पता लगाएगा।

25 करोड़ नागरिकों को दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ

गृह मंत्री ने बताया कि ‘नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत अब तक 25 करोड़ नागरिकों से संपर्क कर उन्हें नशे के खिलाफ शपथ दिलाई गई है। उपचार और पुनर्वास के माध्यम से 5 लाख 70 हजार नागरिकों को नशामुक्त करने का काम किया गया है। एनसीसी, एनएसएस और My Bharat के माध्यम से लाखों ‘नशामुक्ति मित्र’ तैयार किए जाएंगे।

नशामुक्ति केंद्रों की संख्या होगी तीन गुना

शाह ने कहा कि सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य विभाग और जेल प्रशासन मिलकर नशामुक्ति केंद्रों की संख्या तीन गुना बढ़ाकर 1,751 करने जा रहे हैं। अभियान में करीब 10 हजार स्वयंसेवक भी सेवा देंगे। क्षमता निर्माण के तहत मार्च 2027 तक प्रत्येक राज्य में पूरी तरह सुसज्जित एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स बनाने के लिए 7% केंद्रीय सहायता दी जाएगी। गृह मंत्रालय फॉरेंसिक रिपोर्ट 30 दिन में उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेगा।

शिक्षण संस्थानों को ड्रग-फ्री बनाने का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि शिक्षा, युवा एवं खेल मंत्रालय तथा शिक्षण संस्थान मिलकर देश के शिक्षा परिसरों को ड्रग-फ्री बनाने का संकल्प ले रहे हैं। सरकार का लक्ष्य केवल तस्करों और सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ड्रग्स की मांग को कम करना और युवाओं को नशे से दूर रखना भी है।

‘डेथ ट्राएंगल’ और ‘डेथ क्रिसेंट’ पर चौतरफा कार्रवाई

अमित शाह ने कहा कि सरकार ‘क्वाड्रैंगुलर अप्रोच’ के जरिए ड्रग्स की तस्करी के प्रमुख मार्गों पर कार्रवाई कर रही है। ‘डेथ ट्राएंगल’ और ‘डेथ क्रिसेंट’ के रास्ते भारत में पहुंचने वाले ड्रग्स नेटवर्क पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में विदेशियों का स्वागत है, लेकिन ड्रग्स के साथ नहीं।

भगोड़ों पर भी जारी है कार्रवाई

गृह मंत्री ने कहा कि 2019 से जुलाई 2026 तक 36 देशों से 274 भगोड़ों का प्रत्यर्पण कराया गया है। इनमें आर्थिक अपराध, आतंकवाद, नार्कोटिक्स और गैंगवार जैसे गंभीर अपराधों में शामिल लोग हैं। पिछले तीन वर्षों में 401 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए, जबकि 2026 में जुलाई तक 182 रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पूरी की गई। भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई के लिए ‘भारतपोल’ व्यवस्था बनाई गई है, जिससे 14 से अधिक केंद्रीय एजेंसियां और सभी राज्यों की पुलिस जुड़ी हैं।

भगोड़ों की 17,874 करोड़ रुपए की संपत्ति सील

शाह ने बताया कि 2019 से 2026 तक भगोड़ों की करीब 17,874 करोड़ रुपए की संपत्ति सील या जब्त की गई है। नए आपराधिक कानूनों और न्याय संहिताओं से भगोड़ों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को भी आसान बनाया गया है।

नक्सलवाद की तरह ड्रग्स को भी खत्म करने का संकल्प

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि 2047 में नशामुक्त युवा शक्ति विकसित भारत का आधार बने। उन्होंने कहा कि जिस तरह नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार ने निर्णायक अभियान चलाया, उसी संकल्प के साथ ड्रग्स की समस्या को भी समाप्त किया जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र और सभी राज्य सरकारें मिलकर इस मिशन को आगे बढ़ा रही हैं।

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