बारिश का मौसम शुरू होते ही लोगों को कई तरह के गर्मागर्म और स्वादिष्ट व्यंजन खाने का मन करने लगता है। इन्हीं में से एक है गरमा-गरम भुट्टा। बारिश की फुहारों के बीच भुने हुए भुट्टे की खुशबू और उस पर लगाया गया नींबू, नमक और मसाला इसके स्वाद को और बढ़ा देता है। यही वजह है कि बरसात के मौसम में सड़क किनारे भुट्टा बेचने वाले दुकानदारों के पास लोगों की भीड़ देखने को मिलती है।
भुट्टा सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि पोषण के लिहाज से भी एक अच्छा खाद्य पदार्थ माना जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और कुछ जरूरी विटामिन और खनिज पाए जाते हैं। फाइबर पाचन तंत्र के लिए महत्वपूर्ण होता है और यह भोजन को पचाने में मदद करता है। इसी कारण सीमित मात्रा में भुट्टे का सेवन रोजमर्रा के आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।
बारिश के मौसम में गरमा-गरम भुट्टा खाने का एक अलग ही आनंद होता है। आग पर भुने जाने के बाद इसका स्वाद और खुशबू काफी बढ़ जाती है। ऊपर से नींबू और थोड़ा नमक लगाने पर इसका स्वाद खट्टा, नमकीन और मसालेदार हो जाता है। कई लोग इसे चाट मसाला या लाल मिर्च के साथ खाना पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोग इसे सिर्फ नमक और नींबू के साथ ही खाते हैं।
भुट्टे में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इसके अलावा इसमें कुछ मात्रा में विटामिन बी समूह के पोषक तत्व और अन्य खनिज भी पाए जाते हैं। हालांकि भुट्टे को मक्खन, ज्यादा नमक या बहुत अधिक मसाले के साथ खाने से अतिरिक्त कैलोरी और सोडियम की मात्रा बढ़ सकती है। इसलिए स्वाद के साथ मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है।
बारिश में भुट्टा खाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। खुले में रखे हुए या गंदे पानी से धोए गए खाद्य पदार्थों से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि भुट्टा साफ-सुथरी जगह से लिया जाए और अच्छी तरह भुना हुआ हो। इसके साथ इस्तेमाल होने वाला नींबू और मसाला भी साफ होना चाहिए।
कुल मिलाकर बारिश के मौसम में गरमा-गरम भुट्टा स्वाद और पोषण का अच्छा मेल हो सकता है। बारिश की ठंडी हवा, हल्की फुहार और हाथ में गर्म भुट्टा इस मौसम के खाने का मजा और बढ़ा देते हैं। अगर इसे साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए और संतुलित मात्रा में खाया जाए, तो बरसात में भुट्टे का स्वाद पूरे परिवार के साथ लिया जा सकता है।







