देशभर में जन्माष्टमी का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है. मंदिरों में सजावट होती है, घरों में लड्डू गोपाल की झांकियां सजाई जाती हैं और रात के समय श्रीकृष्ण के जन्म का इंतजार किया जाता है. इसके साथ ही दही-हांडी, भजन और संगीत भी इस त्योहार का खास हिस्सा हैं. बॉलीवुड ने भी कृष्ण की लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम और कान्हा की शरारतों को कई यादगार गानों के जरिए लोगों तक पहुंचाया है. यही वजह है कि कुछ फिल्मी गाने आज भी जन्माष्टमी की प्लेलिस्ट का हिस्सा बने हुए हैं.
जन्माष्टमी के 7 गाने, जो कान्हा के रंग में आपको देंगे रंग
राधा कैसे ना जले
जन्माष्टमी की जब भी बात होती है, तो 'राधा कैसे ना जले' गाने का जिक्र जरूर होता है. साल 2001 में आई फिल्म 'लगान' का यह गाना राधा-कृष्ण के रिश्ते की नटखट कहानी को दिखाता है. गाने में आमिर खान कृष्ण के अंदाज में नजर आते हैं, जबकि ग्रेसी सिंह राधा का किरदार निभाती हैं. राधा अपने कृष्ण को दूसरी गोपियों के साथ देखकर जिस तरह की शिकायत और जलन जाहिर करती हैं, वही इस गाने की सबसे खास बात है. इस गाने को आशा भोसले और उदित नारायण ने गाया है, वहीं ए.आर. रहमान ने संगीत और जावेद अख्तर ने इसके बोल लिखे.
वो किसना है
अगर आप जन्माष्टमी के मौके पर भक्ति के साथ भव्य संगीत सुनना चाहते हैं तो 'वो किसना है' आपकी प्लेलिस्ट में जरूर होना चाहिए. यह गाना 2005 में आई फिल्म 'किसना: द वॉरियर पोएट' का है. फिल्म में विवेक ओबेरॉय मुख्य भूमिका में नजर आए थे. गाने में कृष्ण के सुंदर रूप, उनकी शक्ति और उनके आकर्षक व्यक्तित्व का वर्णन किया गया है. इस गाने को सुखविंदर सिंह, इस्माइल दरबार और आयशा दरबार ने आवाज दी है. जावेद अख्तर ने इसके बोल लिखे हैं. गाने में भक्ति के साथ उत्सव का रंग भी दिखाई देता है.
मैया यशोदा
कृष्ण की बाल लीलाओं और यशोदा मैया के साथ उनके रिश्ते पर बना ये गाना 'मैया यशोदा' बेहद प्यारा है. सूरज बड़जात्या की फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' का यह गाना 1999 में रिलीज हुआ था. गाने में करिश्मा कपूर, तब्बू और सोनाली बेंद्रे नजर आती हैं और कृष्ण की शरारतों को लेकर गाने के जरिए शिकायत करती है. इस गाने को अलका याग्निक, अनुराधा पौडवाल और कविता कृष्णमूर्ति ने आवाज दी है. जन्माष्टमी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आज भी इस गाने पर बच्चे और महिलाएं डांस करते नजर आते हैं.







