नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है। 4,247 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। सभी आठ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान तेजी से जारी है।
नेपाल में पाचं से अधिक जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े ढांचों में नौ सौ से अधिक श्रमिकों के फंसे होने की आशंका है। भारत और अन्य देश विशेषज्ञों के सहयोग से बचाव दल त्रिशुली-तीन-ए सहित कई जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़ी सुरंगों में तलाश की जा रही है। तिब्बत में, मृतकों की संख्या 16 हो गई है जबकि 546 लोग लापता हैं।
भारतीय बचाव दल, चिलिमे और लांगटांग में पनबिजली संयंत्रों पर नेपाल की सेना के साथ मिलकर काम कर रहा है। नेपाली सेना के प्रवक्ता, राजा राम बसनेट ने बताया कि अत्यधिक मलबे के कारण सुरंगों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
नेपाल के प्रधानमंत्री, बालेंद्र शाह ने इस बाढ़ को विनाशकारी प्राकृतिक आपदा बताया है। लगभग 21 हजार सुरक्षाकर्मी राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्था, रेड क्रॉस के अनुमान के अनुसार इससे लगभग 90 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।







