आज के समय में दिल को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है और इसके लिए हमारी डाइट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। Heart Healthy Diet का मतलब ऐसी संतुलित डाइट से है, जिसमें शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलें और साथ ही दिल की सेहत का भी ध्यान रखा जाए। आसान भाषा में कहें तो ऐसी डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और स्वस्थ वसा को शामिल किया जाता है, जबकि ज्यादा नमक, चीनी, तली-भुनी और अत्यधिक प्रोसेस्ड चीजों को सीमित किया जाता है।
Heart Healthy Diet में सबसे पहले फल और सब्जियों को अपनी रोज की डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए। इनमें फाइबर, विटामिन, मिनरल और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियां खाने से डाइट में विभिन्न पोषक तत्व शामिल किए जा सकते हैं। इसके अलावा ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और साबुत गेहूं जैसे साबुत अनाज भी अच्छे विकल्प हैं, क्योंकि इनमें फाइबर पाया जाता है।
दालें, चना, राजमा, मूंग और अन्य फलियां भी Heart Healthy Diet का अच्छा हिस्सा हो सकती हैं। इनमें प्रोटीन और फाइबर मिलता है। इसी तरह बादाम, अखरोट, मूंगफली और अलसी जैसे मेवे और बीज भी उचित मात्रा में लिए जा सकते हैं। इनमें स्वस्थ वसा और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि, मेवे और बीज कैलोरी से भरपूर होते हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर होता है।
दिल की सेहत का ध्यान रखते समय यह भी जरूरी है कि नमक और चीनी का सेवन जरूरत से ज्यादा न हो। बहुत ज्यादा नमक वाले पैकेज्ड फूड, नमकीन और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को कम करना बेहतर है। इसी तरह ज्यादा चीनी वाले पेय, मिठाइयां और बार-बार खाई जाने वाली तली-भुनी चीजों को भी सीमित करना चाहिए। खाना बनाते समय तेल की मात्रा पर ध्यान देना भी जरूरी है।
Heart Healthy Diet के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित करना और धूम्रपान से बचना भी स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है। केवल एक खाद्य पदार्थ खाने या किसी एक चीज को पूरी तरह छोड़ने के बजाय पूरी डाइट को संतुलित रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, Heart Healthy Diet अपनाना कोई मुश्किल काम नहीं है। रोज के भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों को बढ़ाना तथा ज्यादा नमक, चीनी और तली-भुनी चीजों को कम करना एक अच्छा कदम हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।







