राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तराखंड में राष्ट्रीय कैडेट कोर के विस्तार, सीमांत एवं दुर्गम क्षेत्रों तक एनसीसी की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने तथा संगठन की आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
सीएम धामी ने एक्स पर फोटो साझा की
सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, ” उत्तराखंड निवास, नई दिल्ली में एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स से भेंट हुई। इस दौरान उनके साथ प्रदेश के सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में एनसीसी के विस्तार के साथ ही संगठन की आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।”
नई एनसीसी इकाइयों के गठन एवं विस्तार की आवश्यकता पर बल
बैठक के दौरान महानिदेशक एनसीसी ने राज्य के अधिकाधिक युवाओं को एनसीसी से जोड़ने के उद्देश्य से सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों में नई एनसीसी इकाइयों के गठन एवं विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य में आधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना के विकास, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा प्रस्तावित एनसीसी अकादमी की स्थापना सहित विभिन्न भावी योजनाओं की रूपरेखा से मुख्यमंत्री धामी को अवगत कराया।
NCC देश का एक प्रतिष्ठित संगठन
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा सेवा-भाव को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर युवाओं में राष्ट्रीय चरित्र, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने वाला देश का एक प्रतिष्ठित संगठन है, जिसकी राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।
सीएम धामी ने राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में एनसीसी के विस्तार तथा प्रस्तावित आधारभूत संरचना विकास से संबंधित सभी पहलों के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से राज्य के युवाओं को व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व प्रशिक्षण एवं राष्ट्र सेवा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।







