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छग विधानसभा : चौदह घंटे की बहस के बाद आधी रात भाजपा सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत

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छग विधानसभा : चौदह घंटे की बहस के बाद आधी रात भाजपा सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत

रायपुर, 18 जुलाई । छत्तीसगढ़ विधानसभा में विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के विरुद्ध शुक्रवार को कांग्रेस सदस्यों का 136 बिंदुओं पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से बीती आधी रात अस्वीकृत हो गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में शीतकालीन सत्र बुलाया जाएगा।

अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार की दोपहर लगभग 12:10 बजे चर्चा के लिए लाया गया था। इस प्रस्ताव पर सदन में 14 घंटे 26 मिनट तक पक्ष- विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक हुई । हंगामे के कारण एक बार कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी। अंततः रात करीब 2:36 बजे अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया गया।

चर्चा की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत ने सरकार के 136 सप्ताह के कार्यकाल को जनता विरोधी बताते हुए 136 बिंदुओं का एक विस्तृत आरोप-पत्र पेश किया। उनका तर्क था कि साय सरकार ने अपने कार्यकाल के 136वें सप्ताह में प्रवेश किया है, इसलिए 136 विफलताओं को रेखांकित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने कार्यकाल में सरकार ने आदिवासियों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के खिलाफ कार्य किए हैं। कांग्रेस की ओर से अवैध रेत खनन, भूमि माफिया, महिला सुरक्षा और विभिन्न घोटालों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर में खनिज संपदा के दोहन और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। हसदेव अरण्य, कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, अबूझमाड़ में कथित पेड़ों की कटाई और बस्तर में 'भू-माफिया' के सक्रिय होने के मुद्दे उठाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना से करीब 1.55 लाख लाभार्थियों के नाम हटाया गया है और वादे के मुताबिक साय सरकार ₹500 में एलपीजी सिलेंडर भी नहीं दे रही है।

कांग्रेस के आरोपों के जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य मंत्रियों ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज किया। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय सबसे अधिक लूट हुई है। उन्होंने विपक्ष को आईना देखने की सलाह दी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने पिछली कांग्रेस सरकार के समय हुए आबकारी, कोयला और सीजीपीएससी भर्ती घोटालों को लेकर कांग्रेस को घेरा। भाजपा विधायकों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान देने, रेलवे बुनियादी ढांचे के विस्तार और धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाने जैसे कार्यों को अपनी सफलता के रूप में गिनाया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने माओवादी हिडमा के साथ राहुल गांधी का नाम लिया, जिससे सदन में हंगामा मच गया। भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने हिडमा के समर्थन वाले पोस्ट को राहुल गांधी द्वारा रीपोस्ट करने का प्रमाण मांगा। इस पर सत्ता पक्ष ने देवेंद्र की बाडी-लैंग्वेज पर आपत्ति जताई। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को केवल एक 'राजनीतिक औपचारिकता' बताया और कहा कि कांग्रेस का पिछला 5 साल का कार्यकाल सिर्फ कुर्सी बचाने के खेल में बीता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पांच साल का कार्यकाल केवल ‘राजा और महाराज’ की आपसी खींचतान और कुर्सी बचाने-पाने के खेल में बीत गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को 500 रुपये देने का वादा किया था, जिसे कभी पूरा नहीं किया गया। घोषणा पत्र में 36 वादे अधूरे रहें। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ‘महतारी वंदन योजना’ में महिलाओं को 1,000 रुपये की राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने तंज कसा कि यदि भ्रष्टाचार में पीएचडी की डिग्री होती, तो विपक्ष विशेषज्ञ होता। अंत में, उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि अगली बार हम 70 सीटें लाएंगे।

छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से यह विधानसभा में लाया गया 10वां अविश्वास प्रस्ताव था, और इतिहास की तरह इस बार भी अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार गिराने में विपक्ष असफल रहा।

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