अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के ‘पिकएक्स माउंटेन’ परमाणु स्थल पर हर गतिविधि पर सतर्क नजर रखे हुए है। अगर वहां थोड़ी सी भी संदिग्ध हलचल हुई तो अमेरिका तुरंत और शक्तिशाली हमला करेगा।
फॉक्स न्यूज को दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी स्पेस फोर्स की उन्नत निगरानी प्रणाली लगातार इस परमाणु केंद्र पर नजर बनाए हुए है। “हमें वहां कुछ गतिविधि की जानकारी मिली है, इसलिए हम ‘पिकएक्स’ पर पूरी नजर रख रहे हैं।”
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास इतनी एडवांस्ड तकनीक है कि अंतरिक्ष से किसी व्यक्ति के नाम वाले बैज को भी पढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले हमले किए जा चुके अन्य ईरानी परमाणु ठिकानों पर भी लगातार निगरानी जारी है।
कोई भी कदम उठाया तो तुरंत कार्रवाई
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “अगर उन्होंने कोई भी कदम उठाया — चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो — तो हम वही करेंगे जो करना जरूरी होगा।”
इंटरव्यू के दौरान जब फॉक्स न्यूज के पत्रकार ने पूछा कि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी बंकर-बस्टर बम ‘पिकएक्स माउंटेन’ जैसे गहरे भूमिगत केंद्र को पूरी तरह नष्ट नहीं कर पाएंगे, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “हमारे पास बेहद शक्तिशाली हथियार हैं। वे काफी गहराई तक हमला करने में सक्षम हैं।”
ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल पिकएक्स स्थल पर गतिविधि बहुत कम है, लेकिन थोड़ी सी भी हलचल बढ़ी तो अमेरिका हमला करने में देर नहीं लगाएगा।
तालेघान केंद्र पर दोबारा हमले की तैयारी
ट्रंप ने तेहरान के बाहर स्थित तालेघान परमाणु केंद्र का भी जिक्र किया, जिसे पहले अमेरिकी हमलों में निशाना बनाया गया था। हालिया सैटेलाइट तस्वीरों (22 जून और 7 जुलाई) में ट्रक, क्रेन और ताजा कंक्रीट डालने की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने केंद्र के प्रवेश द्वारों को कंक्रीट से बंद कर दिया है ताकि पहुंचना मुश्किल हो जाए, लेकिन जरूरत पड़ी तो अमेरिका वहां दोबारा हमला करने से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप ने याद दिलाया कि 28 फरवरी को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू करने से पहले ईरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच गया था। अगर अमेरिका ने बी-2 बॉम्बर से तीन परमाणु ठिकानों पर हमला नहीं किया होता तो ईरान दो सप्ताह के अंदर परमाणु हथियार हासिल कर सकता था।
ईरान लगातार दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन यूरेनियम संवर्धन और अंतरराष्ट्रीय निगरानी को लेकर पश्चिमी देशों के साथ उसका विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है।







