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कोरिया : राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी - कलेक्टर


शहर 11 July 2026
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कोरिया : राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी - कलेक्टर

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने आज जिला कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न राजस्व कार्यों एवं लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर, दोनों अनुविभागीय अधिकारी राजस्व  जिले के सभी तहसीलदार नायब तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर ने सर्वप्रथम राजस्व निरीक्षकों के कार्यों एवं लंबित सीमांकन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समय.सीमा से अधिक लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए जिन प्रकरणों में मैदानी अथवा गैर.कृषि भूमि का सीमांकन किया जाना है, उनका तत्काल निराकरण किया जाए। वहीं जिन प्रकरणों में खड़ी फसल होने से किसानों को असुविधा हो सकती है, ऐसे सीमांकन 15 अक्टूबर के बाद किए जाएं।

कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा सभी प्रकरणों का ई-कोर्ट प्रणाली के माध्यम से अनिवार्य रूप से पंजीयन एवं समय.सीमा में निराकरण किया जाए। विवादित प्रकरणों में भी अनावश्यक विलंब न होए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में कलेक्टर ने अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के लिए प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं जनहितैषी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों के आवेदन सीधे संबंधित पटवारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएं तथा पटवारी द्वारा आवश्यक जांच एवं प्रतिवेदन तैयार कर प्रत्यक्ष रूप से संबंधित राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। इससे अनावश्यक समय की बचत होगी, आम नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे तथा प्रकरणों का शीघ्र एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पटवारी प्रतिवेदन निर्धारित समय.सीमा में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें, जिससे किसी भी प्रकरण में अनावश्यक विलंब न हो।

न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि अनेक मामलों में संबंधित पटवारियों द्वारा लंबे समय से प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित हैं। इस पर कलेक्टर ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे सभी लंबित प्रकरणों की सूची तैयार की जाए तथा जिन पटवारियों द्वारा समय.सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालयीन प्रकरणों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में नक्शा बटांकन की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए लंबित प्रकरणों का समय.सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वामित्व योजना के अंतर्गत जिन ग्रामों में प्रारंभिक अथवा अंतिम प्रकाशन लंबित हैए उनमें आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाकर निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। एग्रीस्टैक पंजीयन एवं खसरा मैपिंग की भी समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों को कृषि एवं खाद्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

राजस्व प्रशासन को अधिक जनोन्मुखी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को सभी पटवारी अपने-अपने मुख्यालय में अनिवार्य रूप से बैठकर आम नागरिकों के आवेदन प्राप्त करेंगे एवं राजस्व संबंधी कार्यों का निराकरण करेंगे। इसी प्रकार सभी राजस्व निरीक्षक (आरआई) भी प्रत्येक सोमवार को अपने मुख्यालय में उपस्थित रहकर पटवारियों के कार्यों की समीक्षा करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी पटवारी नियमित रूप से अपने मुख्यालय में उपलब्ध रहें,  जिससे ग्रामीणों एवं ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों की राजस्व अधिकारियों तक सहज पहुंच सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पंद्रह दिवस में पटवारियों की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, जिसमें कार्यों की प्रगति एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता अनुसार संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) भी इन बैठकों में शामिल होंगे। साथ ही दोनों अपर कलेक्टरों को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक माह जिले की सभी तहसीलों का नियमित निरीक्षण करें, राजस्व न्यायालयों, कार्यालयीन व्यवस्थाओं एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग आम नागरिकों से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी समयबद्धता, पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए गुणवत्तापूर्ण राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र वैद्य, अपर कलेक्टर श्री डीडी मंडावी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सोनहत श्री अमित कुमार गुप्ता, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैकुंठपुर श्री उमेश पटेल एवं जिले के सभी तहसीलदार नायब तहसीलदार तथा भू-अभिलेख शाखा के अधीक्षक भू-अभिलेख (एसएलआर) उपस्थित रहे।

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