कोरिया 11 जून 2026
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने गुरुवार को जिला सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण योजनाओं, बाल संरक्षण कार्यक्रमों और विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया में प्राप्त दावा-आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करते हुए रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए।
’6 वर्ष तक के सभी बच्चों के आधार कार्ड बनाने पर जोर’
बैठक में कलेक्टर ने जिले के 6 वर्ष तक के सभी बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर के कम्प्यूटर ऑपरेटरों के साथ समन्वय कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि शत-प्रतिशत बच्चों का आधार पंजीयन सुनिश्चित किया जा सके।
साथ ही वर्ष 2024 के बाद जन्म लेने वाले बच्चों के लिए ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को देखते हुए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड एवं आपार आईडी बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
’कुपोषण मुक्त बचपन के लिए घर-घर जागरूकता अभियान’
कलेक्टर ने मध्यम एवं गंभीर कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के घर-घर जाकर माताओं को पोषण संबंधी जानकारी दी जाए तथा अतिरिक्त पौष्टिक आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाए।
पूरक पोषण आहार कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं एवं 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार नाश्ता और गर्म पका हुआ भोजन नियमित रूप से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
’सुकन्या समृद्धि और कन्या विवाह योजना के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर’
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक बेटियों के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना के तहत डाकघर और बैंकों में खाते खुलवाए जाएं। इसके लिए पालकों से सीधे संपर्क कर उन्हें योजना के लाभों के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रदान की जाने वाली श्रृंगार सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने के लिए गांवों एवं विभिन्न समाजों को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।
’महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश’
महतारी वंदन योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों का सूक्ष्म परीक्षण करने और लंबित ई-केवाईसी कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र महिला को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
’आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं हों अनिवार्य’
बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी आंगनबाड़ी भवनों में आंतरिक एवं बाह्य विद्युत व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केंद्र में बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है।
उन्होंने जिले में निर्माणाधीन 47 नए आंगनबाड़ी भवनों की समीक्षा करते हुए बताया कि 22 भवन पूर्ण हो चुके हैं। शेष 25 भवनों का निर्माण भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और बाल संरक्षण योजनाओं की भी समीक्षा’
कलेक्टर ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘ अभियान, बाल विवाह रोकथाम, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा बाल कल्याण से जुड़ी गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं परियोजना अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य, पोषण और भविष्य की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की है। गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी देना भी विभाग का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने आयुष, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा, समाज कल्याण विभाग के साथ समन्वय करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए ताकि एक-दूसरे की योजनाओं का लाभ जरूरतमन्द हितग्राहियों को मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के माध्यम से विभाग को राज्य स्तर पर अग्रणी स्थान दिलाने के लिए सभी प्रदर्शन संकेतकों में सुधार सुनिश्चित किया जाए।







