11 जून । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (USMCA) के भविष्य को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता पैदा कर दी है। उन्होंने साफ कहा कि अभी यह तय नहीं है कि अपने मौजूदा कार्यकाल में इस व्यापार समझौते को रिन्यू करेंगे या नहीं।
व्हाइट हाउस में ‘सिक्योर अमेरिका एक्ट’ पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मुझे नहीं पता कि मैं इसे रिन्यू करूंगा या नहीं।”
ट्रंप ने USMCA की सबसे बड़ी खूबी बताते हुए कहा कि इसमें छह साल बाद समीक्षा का प्रावधान है, जिसके तहत अमेरिका इसे फिर से देख सकता है और जरूरत पड़ी तो खत्म भी कर सकता है। उन्होंने कहा, “यूएसएमसीए में मुझे सबसे अच्छी बात यही लगी कि यह छह साल बाद रिन्यूअल के लिए आ जाता है।”
पुराने NAFTA पर फिर निशाना
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में NAFTA को खत्म करके USMCA लागू कराया था। उन्होंने एक बार फिर पुराने समझौते की आलोचना करते हुए कहा, “NAFTA हमारे देश के लिए आपदा था और अब तक का सबसे खराब व्यापार समझौता था।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका कनाडा और मेक्सिको दोनों की तुलना में कहीं मजबूत आर्थिक स्थिति में है और उसे इस ताकत का फायदा उठाना चाहिए।
ट्रंप ने कहा- “हमें कनाडा से कुछ खास जरूरत नहीं है, हमें मेक्सिको से भी कुछ खास जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें हमारी बहुत जरूरत है। उन्हें हमारे साथ बेहतर व्यवहार करना होगा।”
व्यापार घाटे पर चिंता
राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों पड़ोसी देशों के साथ अमेरिका के व्यापार घाटे पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साथ व्यापार में मुनाफा होना चाहिए, घाटा नहीं।
हालांकि, ट्रंप ने अभी USMCA की औपचारिक समीक्षा या इससे बाहर निकलने की कोई प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन उनके बयानों से उत्तरी अमेरिकी सप्लाई चेन पर निर्भर कंपनियों, निर्यातकों और निवेशकों में नई अनिश्चितता फैल गई है।
USMCA 2020 में लागू हुआ था। यह समझौता सामान, सेवाओं, डिजिटल व्यापार, श्रम मानकों और बौद्धिक संपदा के नियमों को आधुनिक बनाने के लिए बनाया गया था। इसमें हर छह साल बाद समीक्षा का प्रावधान इसे पुराने NAFTA से अलग बनाता है।
ट्रंप के ताजा बयान से यह साफ है कि वह USMCA को भी अमेरिका के हित में और सख्त शर्तों पर रखना चाहते हैं।







