नई दिल्ली, 02 जून । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह अपने एक्स हैंडल पर कहा कि दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।
उन्होंने इस संदेश के साथ सुभाषितम् भी साझा किया- निश्चित्य यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः। अबन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते॥ यह श्लोक महात्मा विदुर रचित 'विदुर नीति' (महाभारत के उद्योग पर्व) से लिया गया है। इस सुभाषितम् में जीवन की सफलता, बुद्धि और कार्यप्रणाली का सार निहित है। इससे सीख मिलती है कि सफलता के लिए दृढ़ संकल्प, निरंतरता, समय की पाबंदी और आत्म-नियंत्रण अत्यंत आवश्यक हैं।
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आत्म संयम से आसान हो जाती है कठिन से कठिन राहः प्रधानमंत्री मोदी








