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योनेक्स सनराइज इंडिया ने स्ट्रिंगिंग वर्कशॉप सीरीज़ के जरिए भारत में तकनीकी विशेषज्ञता को दी नई दिशा


खेल 11 May 2026
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योनेक्स सनराइज इंडिया ने स्ट्रिंगिंग वर्कशॉप सीरीज़ के जरिए भारत में तकनीकी विशेषज्ञता को दी नई दिशा

नई दिल्ली, 11 मई। भारत में रैकेट खेलों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और प्रतिस्पर्धा के बीच योनेक्स सनराइज इंडिया ने बैडमिंटन खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़े एक महत्वपूर्ण तकनीकी पक्ष—प्रोफेशनल रैकेट स्ट्रिंगिंग— को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की है। इसी क्रम में झंडेवालान स्थित नोवोटेल न्यू दिल्ली सिटी सेंटर में विशेष “योनेक्स-सनराइज स्ट्रिंगिंग वर्कशॉप” का आयोजन किया गया।

वर्कशॉप का नेतृत्व विश्वप्रसिद्ध स्ट्रिंगिंग विशेषज्ञ और योनेक्स स्ट्रिंगिंग टीम के हेड स्ट्रिंगर एवं सुपरवाइजर टिम विलिस ने किया। इस दौरान प्रतिभागियों को एडवांस रैकेट स्ट्रिंगिंग तकनीक, मशीन प्रिसिशन, खिलाड़ियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं और बैडमिंटन व टेनिस में अंतरराष्ट्रीय सर्विसिंग मानकों से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई।

चार दशकों से अधिक के अनुभव वाले टिम विलिस दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्ट्रिंगिंग विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। योनेक्स स्ट्रिंगिंग टीम के संस्थापक सदस्यों में शामिल विलिस ओलंपिक खेलों, बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप, थॉमस एवं उबर कप सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने विक्टर एक्सेलसन और कैरोलिना मारिन जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के साथ भी तकनीकी सहयोग किया है।

यह वर्कशॉप भारत में आयोजित सबसे बड़े संरचित तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक रही, जिसमें असम, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित 38 शहरों से 100 से अधिक स्ट्रिंगिंग प्रोफेशनल्स ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान योनेक्स प्रिसिशन 9 और नई प्रिसिशन 5.2 स्ट्रिंगिंग मशीनों के माध्यम से लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी दिए गए, ताकि भारतीय स्ट्रिंगर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और टूर्नामेंट-स्तरीय सर्विसिंग मानकों का व्यावहारिक अनुभव मिल सके।

भारत में बैडमिंटन और अन्य रैकेट खेलों के तेजी से विस्तार के साथ प्रोफेशनल स्ट्रिंगिंग सेवाओं और तकनीकी विशेषज्ञता की मांग भी लगातार बढ़ रही है। लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी जैसे शीर्ष भारतीय खिलाड़ी अब अपने रैकेट की स्ट्रिंग्स, टेंशन और कंसिस्टेंसी को लेकर पहले से अधिक जागरूक हैं। इसी बदलाव ने स्ट्रिंगिंग समुदाय में भी तकनीकी दक्षता बढ़ाने की नई ऊर्जा पैदा की है।

इस पहल पर टिम विलिस ने कहा, “नई दिल्ली में मिला उत्साह बेहद प्रेरणादायक रहा। देश के अलग-अलग शहरों से आए प्रतिभागियों ने प्रोफेशनल स्ट्रिंगिंग के प्रति जिस रुचि का प्रदर्शन किया, वह भारत में इस तकनीकी क्षेत्र के तेजी से विकसित होने का संकेत है। आज स्ट्रिंगर किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन और आत्मविश्वास का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।”

योनेक्स सनराइज इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रमादित्य धर ने कहा, “भारत में रैकेट खेलों का विकास अब केवल खिलाड़ियों और टूर्नामेंट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि उन तकनीकी प्रणालियों तक भी पहुंच चुका है जो खिलाड़ियों के प्रदर्शन को मजबूत आधार प्रदान करती हैं। प्रोफेशनल स्ट्रिंगिंग खेल पारिस्थितिकी तंत्र का बेहद महत्वपूर्ण लेकिन अपेक्षाकृत कम समझा गया हिस्सा है। हमारा उद्देश्य भारतीय स्ट्रिंगर्स को वैश्विक स्तर की तकनीकी समझ और अवसर उपलब्ध कराना है।”

उन्होंने आगे कहा कि इस पहल के माध्यम से कंपनी तकनीकी मानकों को मजबूत करने, सीखने के अवसर बढ़ाने और भारत में रैकेट खेलों के दीर्घकालिक विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत के बैडमिंटन खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में बीडब्ल्यूएफ टूर पर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। हाल ही में भारतीय टीम ने थॉमस कप में ऐतिहासिक कांस्य पदक भी जीता, जो इस प्रतियोगिता में भारत का केवल दूसरा पदक रहा। इसके अलावा भारत 17 वर्षों बाद 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली में बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी भी करेगा।

योनेक्स सनराइज इंडिया ने स्पष्ट किया कि नई दिल्ली में आयोजित यह वर्कशॉप राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए व्यापक तकनीकी अभियान का पहला चरण है। आगामी महीनों में मुंबई और बेंगलुरु में भी इसी तरह की उन्नत तकनीकी वर्कशॉप्स आयोजित की जाएंगी, ताकि देशभर में प्रोफेशनल स्ट्रिंगिंग मानकों और तकनीकी विशेषज्ञता को और मजबूत किया जा सके।

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