नई दिल्ली, 04 मई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कौशल, परिश्रम और करुणा हमारे जीवन में अद्भुत शक्तियां हैं। इनके माध्यम से हम न केवल हर चुनौती पर विजय प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि ये हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायक होते हैं।
प्रधानमंत्री ने आज एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किया- को हि भारः समर्थानां किं दूरं व्यवसायिनाम्। को विदेशः सुविद्यानां कः परः प्रियवादिनाम्॥
उन्होंने इसके माध्यम से बताया कि कौशल, परिश्रम और करुणा हमारे जीवन की अद्भुत शक्तियां हैं। इनके माध्यम से हम न केवल हर चुनौती को पार कर सकते हैं, बल्कि ये हमारे लक्ष्यों की प्राप्ति में भी मददगार हैं।
इस सुभाषित का अर्थ है कि समर्थ के लिए कोई बोझ भारी नहीं, मेहनती के लिए कोई जगह दूर नहीं, विद्वान के लिए कोई देश विदेश नहीं और मीठा बोलने वालों के लिए कोई पराया नहीं होता।
Breaking News
- ISRO ने ‘मिशन दृष्टि’ लॉन्च पर GalaxEye को दी बधाई, भारत की अंतरिक्ष यात्रा में बड़ा कदम
- वैल्यू 360 कम्युनिकेशंस का आईपीओ लॉन्च, 11 मई को हो सकती है लिस्टिंग
- कमाई के मामले में आगे निकली 'राजा शिवाजी'
- कच्चे तेल का भाव लुढ़ककर 107 डॉलर प्रति बैरल पर
- भारत ने लिपुलेख दर्रे से होकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर नेपाल की आपत्ति को खारिज करते हुए इसे अनुचित बताया।
- असम विधानसभा चुनाव परिणाम: भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने के लिए तैयार है
- असम विधानसभा के रुझान: भाजपा 78 सीटों पर आगे, एजीपी 10 सीटों पर आगे
- हेल्दी माने जाने वाले ये ड्राई फ्रूट्स हार्ट और किडनी के लिए हैं खतरनाक
- ईरान ने अमेरिकी नौसेना को होर्मुज से दूर रहने की चेतावनी दी है, क्योंकि ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका फंसे हुए जहाजों की मदद करेगा।
- एकतरफा मुकाबले में प्रतिद्वंद्वी टीमों के पिछड़ने के बाद क्लिनिकल इंटर ने स्कुडेटो खिताब अपने नाम किया।
प्रधानमंत्री ने कौशल, मेहनत, शिक्षा और शिष्ट वाणी के गुणों को उजागर करने वाला संस्कृत सुभाषित किया साझा







