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दंतेवाड़ा में ‘इया आपलो सामान निया’ अभियान से 141 गुम मोबाइल लौटाए

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दंतेवाड़ा में ‘इया आपलो सामान निया’ अभियान से 141 गुम मोबाइल लौटाए

दंतेवाड़ा जिले में पुलिस द्वारा चलाए गए ‘इया आपलो सामान निया’ अभियान के तहत आम जनता के गुम हुए मोबाइल फोन और अन्य संपत्ति को उनके असली मालिकों तक वापस पहुंचाया गया। इस विशेष अभियान के दौरान कुल 141 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे गए, जिनकी अनुमानित कीमत 31 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली और उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना की।

इस अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम कुमार वर्मन तथा साइबर सेल नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक ठाकुर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीक और CEIR पोर्टल की मदद से गुम मोबाइलों को ट्रेस किया और उन्हें बरामद किया। यह अभियान सिर्फ दंतेवाड़ा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश के साथ-साथ जगदलपुर, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव जैसे जिलों से भी मोबाइल रिकवर किए गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में मोबाइल अलग-अलग जिलों में पहुंच गए थे, लेकिन साइबर तकनीक और समन्वय के माध्यम से उन्हें ढूंढ निकाला गया। इसके बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को विधिवत प्रक्रिया के तहत लौटाए गए। दंतेवाड़ा पुलिस ने नागरिकों की सुविधा और साइबर अपराध से निपटने के लिए कई डिजिटल सेवाएं भी शुरू की हैं। इसके तहत साइबर हेल्पलाइन नंबर 9479151665 जारी किया गया है। इसके अलावा भारत सरकार की हेल्पलाइन 1930 और ईमेल cybercrime@gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

इसके साथ ही “सायबर हेल्पलाइन दंतेवाड़ा” नाम से एक व्हाट्सएप सेवा शुरू की गई है, जिसमें लोग सीधे अपनी शिकायत भेज सकते हैं। शिकायत दर्ज होते ही आवेदक को एक एक्नॉलेजमेंट नंबर भी प्रदान किया जाता है, जिससे शिकायत की स्थिति को ट्रैक किया जा सकता है। पुलिस ने “सायबर संगवारी दंतेवाड़ा” नाम से एक व्हाट्सएप चैनल भी लॉन्च किया है, जिसमें रोजाना साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की जाएंगी। इसका उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल और बैंकिंग फ्रॉड से बचाना है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत सूचना हेल्पलाइन पर दें। पुलिस का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। इस अभियान से न केवल गुम मोबाइल वापस मिले हैं, बल्कि लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। दंतेवाड़ा पुलिस लगातार ऐसे प्रयास कर रही है ताकि साइबर अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके और जनता को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।



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