रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के इस आरोप को खारिज किया है कि देश में उर्वरक की कमी है। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री नड्डा ने कहा कि श्री खरगे का बयान किसानों को गुमराह करने का राजनीतिक प्रयास है क्योंकि केन्द्र सरकार हमेशा किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रही है और देश में उर्वरकों की उपलब्धता निरन्तर आवश्यकता से अधिक रही है।
श्री खरगे ने कहा था कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश में उर्वरकों की कमी हो रही है।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने कहा है कि सरकार की सक्रियता के कारण देश में सभी उर्वरकों की उपलब्धता स्थिर, सुव्यवस्थित और आवश्यकता से अधिक है। मंत्रालय के अनुसार, उर्वरकों की कमी के संबंध में हाल के दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
अक्टूबर 2025 से इस वर्ष मार्च तक के रबी मौसम के आंकड़े के अनुसार, यूरिया की उपलब्धता 257.59 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि आवश्यकता 196.06 लाख मीट्रिक टन की थी। वहीं, डीएपी की उपलब्धता 75.40 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि आवश्यकता 53.43 लाख मीट्रिक टन की थी।
मौजूदा वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 23 अप्रैल तक की अवधि में भी यूरिया की उपलब्धता 18.17 लाख मीट्रिक टन की आवश्यकता के मुकाबले 69.33 लाख मीट्रिक टन है, और डीएपी की उपलब्धता 5.90 लाख मीट्रिक टन की आवश्यकता के मुकाबले 22.78 लाख मीट्रिक टन है।







