. रायपुर।
रायपुर और रायगढ़ जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद मरने
वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 23वीं मौत दर्ज की गई है। रायपुर के
कालड़ा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक श्रमिक ने दम तोड़ दिया, जबकि रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भी एक और
घायल मजदूर की मौत हो गई। मृतक सुब्रोतो जेना, जो पश्चिम बंगाल का निवासी था,
80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गया था और गंभीर हालत में उपचाराधीन था।
इससे पहले मध्यप्रदेश के रहने वाले मजदूर किस्मत अली की भी
रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी। हादसे में अब तक कुल 36 मजदूर झुलस चुके हैं, जिनमें से 14 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज
जारी है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल
अग्रवाल सहित प्रबंधन और 10 अन्य
लोगों के खिलाफ डभरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। प्रारंभिक जांच में औद्योगिक
सुरक्षा विभाग की टीम ने पाया है कि प्लांट में गंभीर लापरवाही बरती गई थी।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी में बॉयलर सिस्टम पर अत्यधिक दबाव
डाला गया, जिसके कारण
विस्फोट हुआ। बताया जा रहा है कि मशीनों की नियमित जांच और मेंटेनेंस में गंभीर
अनदेखी की गई थी। सुरक्षा मानकों के बावजूद चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया और
काम जारी रखा गया, जिससे यह
बड़ा हादसा हुआ। घटना के 24 घंटे बाद
औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया।
प्रारंभिक रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है।
प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी इस हादसे का
मुख्य कारण रही है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही
है। घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया
गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और कड़ी
कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय स्तर पर इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और बड़े
उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए
हैं। परिजनों और श्रमिक संगठनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।







