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होर्मुज से बड़ी खबर: जहाजों पर फायरिंग के बाद बढ़ी टेंशन, फिर तेज होगी जंग?


विदेश 18 April 2026
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होर्मुज से बड़ी खबर: जहाजों पर फायरिंग के बाद बढ़ी टेंशन, फिर तेज होगी जंग?

ईरान ने सामरिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा अपने नियंत्रण में लेकर तुरंत बंद कर दिया है. इसके साथ ही खाड़ी में युद्ध जैसे हालात बनने लगे हैं. नाकेबंदी के चलते समुद्र में जहाजों की लंबी कतारें लग गई हैं, जबकि वहां से गुजर रहे दो जहाजों पर गोलीबारी की गई है. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने साफ कहा है कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर व्यापारिक जहाज को IRGC की नौसेना से इजाजत लेनी होगी. ईरान के इस आक्रामक कदम के बाद अमेरिका के साथ तनाव फिर चरम पर है. इसका सीधा असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और सुरक्षा पर पड़ता दिख रहा है.

ईरान की सेना ने ऐलान किया कि खाड़ी में फिर से सख्त सैनिक कंट्रोल लागू किया जा रहा है. ईरान का आरोप था कि अमेरिका बार-बार नियमों का उल्लंघन कर रहा है और 'नाकेबंदी' के बहाने ईरानी बंदरगाहों पर 'लूट' जैसी हरकतें कर रहा है. इसके कुछ ही घंटों बाद दो व्यापारी जहाजों पर गोलीबारी की खबर आई. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने टेलीग्राम पर एक कड़ा संदेश पोस्ट किया.

 उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की नौसेना दुश्मनों को 'नई और कड़वी हार' देने के लिए तैयार है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले इशारा किया था कि ईरान को लेकर 'काफी अच्छी खबर' आने वाली है, लेकिन उन्होंने कोई ठोस जानकारी नहीं दी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर बुधवार 22 अप्रैल तक यानी दो हफ्ते के युद्धविराम खत्म होने से पहले कोई शांति समझौता नहीं हुआ, तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है.

अमेरिका की मध्यस्थता से इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम हुआ था. इसके बाद ईरान ने होर्मुज की खाड़ी को अस्थायी रूप से खोलने का ऐलान किया था. लेकिन जैसा कि हम देख रहे हैं, यह खुलापन बहुत कम समय के लिए था. अमेरिका की तरफ से ईरान के ताजा कदम पर कोई जवाब नहीं आया है. खाड़ी में फिर से तनाव है. दो जहाजों पर गोलीबारी हो चुकी है और बुधवार तक युद्धविराम का समय है. अगर इस दौरान कोई समझौता नहीं हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं.

होर्मुज की खाड़ी एक बेहद संकरा समुद्री रास्ता है जो फारस की खाड़ी को बाकी दुनिया से जोड़ता है. दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल इसी रास्ते से गुजरता था. यानी अगर यह रास्ता बंद हो जाए, तो दुनियाभर में तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित होती है और कीमतें आसमान छू सकती हैं. अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला शुरू किया था. इस युद्ध की वजह से होर्मुज की खाड़ी में व्यापारी जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई थी. ईरान इस रास्ते पर नजर रखता है और उसने सैनिक कंट्रोल बढ़ा दिया था.

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